फासे पारधी समाजाचे शिकारीचे तंत्र..............................फासे पारधी शिकार का तंत्र यह जानने के लिए हास्य पारदी यह शब्द का अर्थ जान लेना अवश्य है इस जनजाति के लोगों को पारदी इस नाम से संबोधित है करते हैं फांसे यानी कि जाल पारद यानी के शिकार इस जनजाति के अंदर मुख्य 2 जाति मानी जाती है अलग अलग जगह पर अलग-अलग नामों का उल्लेख कर पहचानी जाने वाली यह जाति मुख्य दो हिस्सों में बैठी है इन्हें हमारे पूर्वज सिर्फ दो ही जाति में बतेहुए का दावा करती है फांसे पारदी और गांव पारदी यह दो मुख्य जाती मानी जाती हैं फांसे यानी की जाल पहले शिकार करना ऐसा माना जाता है और जाल बुनकर उसका झाला बना कर पंछी हिरन खरगोश आदि का शिकार करना यानी के फ़ासे पारदी इनमें उदाहरणार्थ गाय पारदी पाल पारदी लंबाडी पारदी तकोन्नकर पारदी जड़ी बूटी बेचने वाली पारदी मालाएं बनाकर बेचने वाले पारदी ऐसे अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं इनमें और भी बहुत संख्या नाम जोड़े गए हैं जंगल में रहकर शिकार को जाले में पकड़ने वाले पारदी ओं को फांसी पारदी कहा जाता है पंछी को पकड़ने के लिए गाय का उपयोग किया इसलिए उन्हें जाए पारदी कहा जाता है जगह पर रहकर शिकार करना अवघड होता है इसलिए उन्हें गाय पारदी कहा जाता है Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 11, 2020 Read more
Lahar Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 15, 2019 स्वतंत्रता के बाद भी पारदी समुदाय के लोग बहुत थोड़े से में गुजर-बसर कर लेते हैं इन लोगों ने अलग-अलग जनजाति के लोग इन्हें अलग-अलग नामों से जानते हैं जैसे कि गाय पारदी हरण पार... Read more